छत्तीसगढ़

बस्तर में शव दफनाने को लेकर फिर बवाल:आदिवासी बोले-गांव में देवी-देवता का वास, दफनाने नहीं देंगे

जगदलपुर-छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले में शव दफनाने को लेकर एक बार फिर से बवाल हो गया है शनिवार को बेलर गांव में  2 गुटों में जमकर मारपीट हो गई  । दरअसल, धर्मांतरित महिला की मौत के बाद उसे दफनाने को लेकर गांव के ही 2 गुट भिड़ गए।

इस घटना में आदिवासी समुदाय के 10 से 11 लोग घायल हो गए हैं। वहीं पुलिस ने 21 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है जिनमें 7 लोगों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भी भेज दिया गया है। फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

मारपीट का वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें पुलिस की मौजूदगी में ही मारपीट हो रही है, जवान बीच बचाव की कोशिश कर रहे हैं। अब भी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है। इधर, बस्तर पुलिस का दावा है कि स्थिति उनके कंट्रोल में है। पूरा मामला बड़ांजी थाना क्षेत्र का है।

जिले के दाबपाल गांव की रहने वाली धर्मांतरित महिला सुबरो पति बलि (40 साल) की किसी बीमारी की वजह से 3 दिन पहले मौत हो गई थी इसके बाद परिजन उसके शव को पड़ोसी गांव बेलर में अपने निजी जमीन में दफनाना चाहते थे। वे शव लेकर गांव भी पहुंच गए थे लेकिन, यहां आदिवासी समाज के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई।

आदिवासी समाज के कुछ लोगों ने कहा कि, गांव में ग्राम देवी-देवता का वास है। किसी दूसरे धर्म के लोगों का शव दफनाने नहीं दिया जाएगा इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया,,,। विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि मारपीट भी हो गई ईसाई समुदाय के लोगों ने आदिवासी समाज के करीब 10 से 11 लोगों की पिटाई कर दी।

बताया जा रहा है कि, धर्मांतरित महिला का शव गांव में ही दफना दिया गया है। कहीं और हिंसक घटना न हो जाए इसलिए पुलिस फोर्स अब भी उस इलाके में मौजूद है। फिलहाल गांव में तनाव के हालात हैं। ASP महेश्वर नाग का कहना है कि, स्थिति उनके कंट्रोल में है। बाकी आरोपियों की तलाश भी जारी है।

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