छत्तीसगढ़

रायखेड़ा विद्यालय में बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने, दिया गया रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण

रायखेड़ा विद्यालय में बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया

तिल्दा नेवरा -शासन के निर्देशानुसार बालिका शिक्षा के बढ़ावे के लिए एवं बालिकाओं व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रायखेड़ा विद्यालय की बालिकाओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया गया.. लगातार 1 माह तक चलाए गए इस प्रशिक्षण में कक्षा छठवीं से लेकर 12वीं तक अध्ययनरत छात्राओं को प्रशिक्षित किया गया l कराते के लिए शरीर को संतुलित रखना आवश्यक होता है कि कुमार ना जिसमें फ्रंट स्नैप किक साइड स्नैप किक साइज ट्रस्ट किक बैंक ट्रस्ट किक राउंड किक आदि स्टेप बालिकाओं को सिखाए गए। प्रशिक्षक विक्रम धिवर और चांदनी साहू ने बताया कि कराते आत्मरक्षा के लिए सबसे बड़ा हथियार है| कराते में वार्म अप करने से मांसपेशियों में काम करने की क्षमता का विकास होता है और स्ट्रेच करने से शरीर की मांस पेशियां लचीली होती है। कराते करने से पहले अपने दिमाग से सारे विचार निकालकर नाक से सांस लेना और मुंह से सांस छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाती है.| यहां चले 1 महीने तक के प्रशिक्षण में बालिकाओं को तीन प्रकार के हो-काता. किहोन और कुमिते . का प्रशिक्षण दिया गया है.. यह तीनों स्टेप आत्मरक्षा के हैं|इससे जरूरत पड़ने पर न केवल आत्मरक्षा की भावना जागृत होगी साथ ही बालिकाए अपनी सुरक्षा खुद  सुनिश्चित कर सकेगी। शिविर के समापन अवसर पर प्रभारी प्राचार्य जी के वर्मा ने कहा कि विद्यालय की बालिकाओं रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है इस प्रशिक्षण से बालिकाओं की शिक्षा सुरक्षा सशक्तिकरण व स्वालंबन के साथ छात्राओं के आत्म बल का अब अभूतपूर्व विकास होगा आत्मरक्षा प्रशिक्षण से प्रोत्साहित बालिकाएं विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी आत्मरक्षा करेंगे|इस अवसर पर जितेंद्र वर्मा व्याख्याता, ज्योति कश्यप, निक्की अग्रवाल, नीलम वर्मा, मोती सिंह ध्रुव, सरिता वर्मा, अन्नु वर्मा सहित शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

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