धराली-उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने की एक बड़ी घटना सामने आई है. इस प्राकृतिक आपदा ने गांव में भारी तबाही मचाई, जिसमें कई घर, दुकानें और होटल बह गए. इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो चुकी है. 12 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. यह घटना धराली गांव के पास भागीरथी नदी के क्षेत्र में हुई,जहां बादल फटने से अचानक बाढ़ और मलबे का सैलाब आ गया .इस सैलाब ने गांव के बाजार को मलबे में बदल दिया. कई इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गईं. स्थानीय लोगों का कहना है कि 10-12 लोग मलबे में दबे हो सकते हैं, जबक .20-25 होटल और होमस्टे बह गए
देखिए भयानक मंजर,30 सेकंड

हादसे की सूचना मिलते ही उत्तराखंड पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और भारतीय सेना की टीमें मौके पर पहुंच गईं. बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है, लेकिन भारी बारिश और अवरुद्ध रास्तों ने राहत कार्यों में मुश्किलें पैदा की हैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर दुख जताया और कहा कि हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री धामी से बात की और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया. मौसम विभाग ने उत्तराखंड में 10 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.खासकर पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है. लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की गई है. धराली गांव, जो गंगोत्री धाम के रास्ते पर स्थित है, एक खूबसूरत पर्यटक स्थल है.प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. बचाव टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं. प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचाने की कोशिश की याद दिलाती है, जिसके लिए बेहतर तैयारी और जागरूकता की जरूरत है.