तिल्दा नेवरा स्थानीयमसीही समाज के द्वारा प्रभु यीशु का जन्म दिवस सोमवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गयाl इस अवसर पर प्रभु यीशु के जन्म का जश्न मनाया गया और घरों में केक काटे गए सुबह शहर की दोनों चर्च में आराधना करने के साथ उपस्थित लोगों को ईशा के जन्म के बातों के बारे में प्रवचन देते हुए फास्टर सुषमा कुमार ने सीख दी।
मसीही समाज की और से पिछले कई दिनों से क्रिसमस की तैयारी करने के साथ शहर के दोनों सेंट थोमा और एजी चर्च को रंगीन रोशनी से सजाया गया था।रविवार की रात 11 बजे से समाज के लोग प्रभु यीशु का जन्म मनाने के लिए चर्च पहुंचने शुरू हो गाए थे |रविवार-सोमवार की आधी रात को प्रभु यीशु के जन्म लेते ही खुशियां, प्रेम और शांति का आगमन हुआ. रविवार रात ठीक 12 बजे प्रभु यीशु मसीह ने चरनी में जन्म लिया. कई रंगों की रोशनी से जगमग गिरजाघर में प्रभु यीशु जन्म हुआ तो समूचा मसीही समाज खुशी से झूम उठा।एकता और मेल-मिलाप के संदेश के बाद केक काटा गया और लोगों ने एक-दूसरे को मैरी क्रिसमस कहकर पर्व की शुभकामनाएं दी. इसे देखकर ऐसा लगा कि मानो प्रभु यीशु अपने साथ खुशियों की सौगात लेकर आए हैं.
मिशन कॉलोनी स्थित सेंट थोमा और एजी चर्च में र्आकर्षक चरनी सजाई गई थी. प्रभु यीशु के जन्म प्रसंग का चित्रण करते हुए इसमें माता मरियम और उद्धारकर्ता के आने की खुशियां मनाते हुए लोगों की झांकी दिखाई गई. प्रभु यीशु का जन्म गौशाले में हुआ, जहां उन्हें चरनी में रखा गया था. इस दौरान रंग बिरंगी रोशनी के बीच सांता क्लॉज बच्चों को उपहार बांटते नजर आए.
सोमवार सुबह सुबह दोनों चर्च में प्रसू प्रभु यीशु के जन्म दिवस के उपलक्ष में विशेष प्रार्थना का आयोजन किया गया जिसमें समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस मौके पर फास्टर सुषमा कुमार ने प्रभु के साथ वचनों पर प्रवचन देते हुए उसे पर अमल करने की सीख दी। इसी तरह एजी चर्च में भी प्रभु यीशु का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया है यहां फास्टर कुमार ने प्रवचन दिया और समाज के सभी लोगों को क्रिसमस की बधाइयां दी
ईसा मसीह ऊँच-नीच के भेदभाव को नहीं मानते थे।अत: क्रिसमस का पावन पर्व भी किसी एक का नहीं अपितु उन सभी का है जो उनके समर्थक हैं तथा उन पर आस्था रखते हैं। उन्होने कहा कि इस त्योहार के कई दिनों पूर्व ही लोगों में उत्साह और उल्लास की झलक देखने को मिल जाती है।
इस पावन दिन के अवसर पर सभी अपने घरों को नाना प्रकार के पुष्पों झालरों व तस्वीरों से सजाते हैं । बाजार व दुकानों में चहल-पहल देखते ही बनती है भारत में क्रिसमस के त्योहार का आनंद सभी समुदायों के लोग उठाने लगे हैं। सभी समुदायों के लोग एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामना दी।