रायपुर: ट्रेन के एसी कोच में रेल यात्रियों को बेडरोल दिया जाता है, जिससे यात्रियों को अपने साथ चादर, कंबल या तकिया नहीं ले जाना पड़ता. अब ये सुविधा जल्द ही स्लीपर कोच के यात्रियों को भी मिलने लगेगी. चेन्नई मॉडल की तर्ज पर रायपुर रेल मंडल में भी ट्रेन के स्लीपर कोच में अगले डेढ़ से 2 महीने में बेडरोल की सुविधा रेल यात्रियों को मिलने लगेगी. शुरुआती तौर पर कुछ स्पेशल ट्रेन के स्लीपर कोच में बेडरोल की सुविधा शुरू की जा रही है.
स्लीपर कोच में बेडरोल मिलने को लेकर ईटीवी भारत ने कुछ यात्रियों से बात की. यात्रियों ने बताया कि यह काफी अच्छा रहेगा और इससे रेल यात्रियों को एक्स्ट्रा लगेज नहीं ले जाना पड़ेगा. सामान का बोझ भी कम होगा.
रेलयात्री धीरज ने बताया कि स्लीपर कोच में बेडरोल मिलने से सबसे पहले रेल यात्रियों को यह राहत मिलेगी कि घर से चादर या कंबल लाना नहीं पड़ेगा. यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत है, लेकिन इसके लिए रेलवे को इस बात का ध्यान रखना होगा कि एसी कोच में बेडरोल जैसे चीजों की चोरी होती है. ऐसे में स्लीपर कोच में बेडरोल की चोरी होने की संभावना भी बढ़ जाती है.”
रेलयात्री फैजान मोमिन ने बताया “अब तक एसी कोच में तकिया चादर या फिर कंबल मिलता था. यही चीज अगर स्लीपर में मिलता है तो यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी. लोगों को अपने घर से एक्स्ट्रा लगेज लाने की जरूरत नहीं होगी. इससे सामान का वजन भी कम हो जाएगा. कई बार परिवार में बहुत सारे लोग होते हैं जिसकी वजह से ज्यादा लगेज ले जाना पड़ता है जो काफी मुश्किल होता है. “

