छत्तीसगढ़ ;अंबिकापुर जिले के माता देवेंद्र कुमारी मेडिकल कॉलेज में महिला को ऑक्सीजन स्पोर्ट में स्ट्रक्चर पर रखकर सड़क पार करते परिजन का वीडियो सामने आया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बीमार महिला को अस्पताल परिसर से ऑक्सीजन सपोर्ट पर NCH ब्लॉक से मुख्य बिल्डिंग तक जांच के लिए सड़क पार कराकर ले जाया जा रहा है। स्ट्रक्चर पर महिला लेटी थी और परिजन ऑक्सीजन सिलेंडर खींचते हुए अस्पताल के बाहर की सड़क पार कर उसे अंदर ले जा रहे हैं। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद जेडी हेल्थ ने मददगार नर्स को नोटिस और मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं .वहीं कांग्रेस नेताओं ने इस वीडियो को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सवाल खड़ा किया है कि. इतने बड़े मेडिकल कॉलेज में मरीज को सुरक्षित ले जाने की व्यवस्था क्यों नहीं है। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती महिला स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल के गृह क्षेत्र महेंद्रगढ़ की है। परिजनों ने कहा कि अस्पताल में एंबुलेंस तो खड़ी है लेकिन ड्राइवर नहीं है। बहुत परेशानी है लेकिन वह कुछ नहीं बोलेंगे।
महिला मरीज को जिस सड़क को पार कराया गया वह नेशनल हाईवे 130 की सड़क है। हालांकि दिन में इस पर भारी वाहनों की एंट्री बंद है लेकिन एंबुलेंस समेत चार पहिया वाहन ने यहां तेजी से गुजरती है। वीडियो वायरल हुआ तो जेडी हेल्थ डॉक्टर अनिल शुक्ला ने मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं ।जेडी हेल्थ ने मरीज के परिजनों को सड़क पार करने में मदद करने वाली नर्स सुमन बेक को भी नोटिस थमा दिया है।और बिना एंबुलेंस ले जाने पर जवाब मांगा है। इस मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर रमेश आर्य ने सफाई देते हुए कहा कि सड़क पार करने के लिए एक एंबुलेंस ऑन ड्यूटी खड़ी रहती है. जिस समय का यह मामला है एक गंभीर मरीज को लेकर एंबुलेंस कहीं गया था। परिजन 10 मिनट रुक जाते तो एंबुलेंस से उन्हें सड़क पार कर दिया जाताl
उधर वीडियो आने के बाद इस मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है । कांग्रेस का कहना है कि भूपेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहते सिहदेव की पहल पर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के मेंन बिल्डिंग से MCH और नकी पुरिया वार्ड को जोड़ने के लिए 2023 में राशि स्वीकृत कर पीडब्ल्यूडी को राशि दे दी गई है पूरा जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्यायेश्वर शरण सिंह देव ने वीडियो को दुर्भाग्य पूर्ण बताते हुए कहा कि डेढ़ साल के कार्यकाल में भाजपा सरकार प्लाई ओवर का काम शुरू नहीं कर सकी। मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई जांच सेवाएं ठप है और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।