नारायणपुर: छत्तीसगढ़ में बीते महीने भी एनएचएम के संविदाकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन और हड़ताल किया था. मांगें नहीं पूरी होने की सूरत में एक बार फिर प्रदेश के एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने हल्ला बोल दिया है. राज्य में कुल 16 हजार से अधिक संविदायकर्मी एनएचएम में कार्यकर्त हैं. इनके अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा सकती है.
एनएचएम संविदाकर्मियों ने नारायणपुर जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता की. इस प्रेस वार्ता में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी 10 प्रमुख मांगों का उल्लेख किया. उन्होंने सरकार से इन मांगों को मानने की अपील की है.संविलियन एवं स्थायीकरण,पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना,ग्रेड पे निर्धारण,कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता,27% लंबित वेतन वृद्धि,अनुकंपा नियुक्ति.महिला कर्मियों के लिए विशेष अवकाश नीति,ट्रांसफर की सुविधा10 लाख रुपये का कैशलेस मेडिकल बीमा
नारायणपुर DPM और NHM संविदा कर्मचारी संघ के जिला संरक्षक राजीव कुमार बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर अपनी बातें रखी. उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों को स्वतंत्रता दिवस पर सरकार से किसी बड़ी राहत की उम्मीद थी. लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई. इसी कारण 18 अगस्त से प्रदेशभर के NHM कर्मी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर चले जाएंगे. स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार से मांगें शीघ्र मानने की अपील करते हुए कहा है कि यदि निर्णय आज ले लिया जाता है तो वे कल से ही काम पर लौटने को तैयार हैं.
हमारी मांगें पिछले 20 सालों से लंबित हैं. सरकार बदलती रही, लेकिन संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं. हम समान कार्य कर रहे हैं, तो हमें समान अधिकार भी मिलने चाहिए. सरकार हमारी बात नहीं सुन रही, इसलिए हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है- राजीव कुमार बघेल, अध्यक्ष, NHM संविदा कर्मचारी संघ,
इस आंदोलन के चलते पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी. खासकर जननी सुरक्षा और शिशु सुरक्षा जैसे कार्यक्रम ठप हो सकते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में NHM कर्मी कार्यरत हैं- छत्रपाल साहू, सोशल वर्कर ऑफिसर, जिला अस्पताल, नारायणपुर
मांग पूरी होने तक चलेगा आंदोलन: एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने ऐलान कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है. तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इसकी वजह से आने वाले समय में प्रदेश के साथ साथ बस्तर के इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होगी.
NHM स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन में होने से नारायणपुर जिले में भी स्वास्थ्य सुविधाओं पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है. क्योंकि नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य सेवाएं एनएचएम कर्मचारियों के कंधों पर ही टिकी हुई है. ऐसे में अबूझमाड़ क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए भटकना पड़ सकता है.