छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पुलिस बैरक में सहायक उप निरीक्षक एएसआई ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आज सुबह 8 बजे आरक्षक बैरक पहुंचे तो एएसआई को पंखे पर फंदे से झूलते देखा तो तत्काल आसपास के लोगों को बुलाकर उन्हें नीचे उतरा और अस्पताल पहुंचाया गया। उधर सहायक उप निरीक्षक की मौत की खबर जैसे ही बैरक में रह रहे उनके साथियों को मिली वहां पर हड़कंप मच गया. पुलिस की मानें तो अभी तक दल्ली राजहरा के बैरक में इस तरह की कभी कोई वारदात नहीं हुई.ये पहली घटना है जब किसी एएसआई ने वहां पर जान दी है.
जिस बैरक में एएसआई हीरामन मंडावी ने जान दी है उस बैरक में रहकर वो ड्यूटी करता था. मौके से पुलिस को कोई दस्तावेज ऐसा नही मिला है जिससे ये पता चले कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया. हीरामन मांडवी दल्ली राजहरा थाने में पदस्थ थे घटना दल्ली राजहरा थाने इलाके की है। पुलिस एएसआई के परिजनों से संपर्क में है और ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वो किसी तरह के तनाव में थे, कोई पारिवारिक समस्या तो नहीं थी.
दल्ली राजहरा सीएसपी चित्रा वर्मा वर्मा कहना है कि पुलिस के बैरक में हीरामन मांडवी रहते थे उसी कमरे में फांसी लगाई है उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.उन्होंने कहा जैसे ही हमें ये दुखद खबर मिली हम तुरंत मौके पर पहुंचे और शव को पीएम के लिए भिजवाया. किस वजह से हीरामन मंडावी ने ये कदम उठाया अभी ये पता नहीं चल पाया है. हम तमाम पहलुओं और कारणों पर जांच कर रहे हैं. डेड बॉडी हमें उसी बैरक से मिली जहां वो रहते थे.
बाईट चित्रा वर्मा
बता दे हीरामन मांडवी दुर्ग जिले के बोरसी के रहने वाले थे उनका परिवार वही रहता है वह लंबे समय से बालोद जिले में सेवाएं दे रहे थे वह यातायात विभाग समेत जिले के कई थानों में पदस्थ रह चुके थे 7 महीने पहले उनका ट्रांसफर अर्जुंदा से दल्ली राजहरा थाने में हुआ था सहकर्मियों के अनुसार शुक्रवार की रात 11बजे तक हुए थाने में कार्यरत रहे और उसके बाद सोने चले गए सुबह जब कुछ जवान स्नान कर लौटे तो उन्होंने हीरामन को फंदे पर झूलते देखा।।राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साढ़े छह वर्षों में छत्तीसगढ़ में अर्धसैनिक बलों सहित 177 सुरक्षाकर्मियों ने पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्याओं, शराब की लत और बीमारियों सहित विभिन्न कारणों से आत्महत्या की ह