राजस्थान के डूंगरपुर जिले में सच्चे प्यार की अनूठी कहानी सामने आई है. यहां एक आदिवासी बुजुर्ग जोड़ा सात दशक से लिव इन रिलेशन में रह रहा था. उम्र के इस पड़ाव में आकर अब दोनों ने शादी रचाई है
डूंगरपुर. कहते हैं अगर प्यार सच्चा है तो वह कभी मरता नहीं है, बल्कि ढलती उम्र के साथ और जवां होता जाता है. सुनने में यह बात कुछ फिल्मी लगती है लेकिन इसके कई सच्चे उदारहण भी मिलते हैं. अगर आपको इस बात पर यकीन नहीं हो रहा तो राजस्थान के आदिवासी बाहुल्य डूंगरपुर जिले के गलंदर गांव के बुजुर्ग प्रेमी जोड़े की इस कहानी को पूरा पढ़ना चाहिए. गलंदर में एक प्रेमी जोड़ा बीते करीब 70 साल से लिव इन रिलेशन में रह रहा है. अब उम्र के इस पड़ाव में आकर उसने धूमधाम से शादी की है.
आधुनिक समाज में लव इन रिलेशन अब प्रचलन में आया है लेकिन कई आदिवासी समाज में यह कल्चर बरसों से है. राजस्थान का वागड़ इलाका जिसमें मुख्यतया डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिला शामिल है वहां आदिवासी समाज में लिव इन रिलेशन का कंसेप्ट काफी पुराना है. यहां अगर लड़का और लड़की एक दूसरे को पसंद करते हैं और वे बिना शादी के साथ रहना चाहते हैं तो उस पर आपत्ति नहीं उठाई जाती है. उसे आदिवासी समाज में मान्यता मिलती है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण डूंगरपुर का गलंदर में देखने को मिला है.
दोनों के छह बच्चे हैं, बड़ा बेटा है 60 साल का
गलंदर गांव के 95 साल के रामा भाई खराड़ी और 90 साल जीवली देवी बीते सात दशक से लिव-इन रिलेशन में हैं. दोनों के छह बच्चे हैं. उनमें से चार सरकारी नौकरी में हैं. उनके बच्चों की शादियां हो चुकी है. उसके बाद उनके भी बच्चे हो गए. इनके बड़े बेटे की उम्र करीब 60 साल है. उम्र के इस पड़ाव में आने के बाद रामबाई और जीवनी देवी ने शादी करने की इच्छा जताई. इस पर उनके बच्चों ने माता-पिता की इच्छा का सम्मान करते हुए मंगलवार को उनकी धूमधाम से शादी करवाई.
गलंदर गांव के 95 साल के रामा भाई खराड़ी और 90 साल जीवली देवी बीते सात दशक से लिव-इन रिलेशन में हैं. दोनों के छह बच्चे हैं. उनमें से चार सरकारी नौकरी में हैं. उनके बच्चों की शादियां हो चुकी है. उसके बाद उनके भी बच्चे हो गए. इनके बड़े बेटे की उम्र करीब 60 साल है. उम्र के इस पड़ाव में आने के बाद रामबाई और जीवनी देवी ने शादी करने की इच्छा जताई. इस पर उनके बच्चों ने माता-पिता की इच्छा का सम्मान करते हुए मंगलवार को उनकी धूमधाम से शादी करवाई.
शादी में बच्चे और गांव वाले जमकर नाचे
शादी के दौरान गांव में डीजे पर दोनों का बिंदौली निकाला गया. बिंदौली में रामा भाई और जीवली देवी के बच्चों के साथ गांव वाले भी खूब नाचे. शादी के बाद दोनों ने साथ में सात फेरे लिए और गांव वालों को भोज कराया गया. इस अनोखी शादी ने समाज को एक संदेश दिया है कि जज्बे के आगे उम्र कभी भी बाधा नहीं हो सकती है. रामा भाई अंगारी और जीवली देवी की शादी ने दिखाया है कि अगर प्यार सच्चा है तो साथ रहने की इच्छा कभी भी खत्म नहीं होती है.
शादी के दौरान गांव में डीजे पर दोनों का बिंदौली निकाला गया. बिंदौली में रामा भाई और जीवली देवी के बच्चों के साथ गांव वाले भी खूब नाचे. शादी के बाद दोनों ने साथ में सात फेरे लिए और गांव वालों को भोज कराया गया. इस अनोखी शादी ने समाज को एक संदेश दिया है कि जज्बे के आगे उम्र कभी भी बाधा नहीं हो सकती है. रामा भाई अंगारी और जीवली देवी की शादी ने दिखाया है कि अगर प्यार सच्चा है तो साथ रहने की इच्छा कभी भी खत्म नहीं होती है.

