तिल्दा नेवरा -मन में चलने वाले लगातार नकारात्मक विचार वर्तमान में अनेक समस्याओं का कारण बनते है। मन के नकारात्मक विचारों से ही तनाव उत्पन्न होता है।मनुष्य क्षणिक क्रोध या आवेश में आकर कभी न सुधरने वाली भूल कर बैठता है। क्रोध से मानसिक तनाव तो बढ़ता ही है उसका विवेक भी नष्ट होता है । ब्रह्माकुमारी संस्था के मुख्यालय माउंट आबू राजस्थान से आए ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने तिल्दा नेवरा में संचालित ब्रह्माकुमारीज राजयोग सेवाकेंद्र में आयोजित सकारात्मक विचारो से तनाव मुक्त विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए उक्त बाते कही।
भगवान भाई ने कहा क्रोध मुर्खता से शुरू होता और कई वर्षो के बाद के पश्चाताप से समाप्त होता है |क्रोध के कारण मनोबल और आत्मबल कमजोर हो जाता है .क्रोध ही अपराधो के मूल कारण बन जाते है. इसलिए वर्तमान में तनाव से मुक्ति के लिए सकारात्मक विचारों की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सकारात्मक रहने से हर समस्या का समाधान निकलता है।बुराई में भी अच्छाई देखने का प्रयास करने से मन पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मन में चलने वाले विचारों से ही स्मृति, वृत्ति, भावना, दृष्टिकोण और व्यवहार बनता है। अगर मन के विचार नकारात्मक होंगे तो स्मृति, दृष्टि, वृत्ति, भावना, व्यवहार भी नकारात्मक बनता है। ऐसा होने से मन में तनाव पैदा होता है।
उन्होंने सकारात्मक विचारों को तनाव मुक्ति की संजीवनी बूटी बताया। सकारात्मक विचारों का स्त्रोत आध्यात्मिकता है। वर्तमान समय में स्वयं को सकारात्मक बनाने की आवश्यकता है। सकारात्मक सोचने वाला हर परिस्थिति को स्वीकार कर विजयी बन सकता है। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित राम गिडलानी, सिन्धी समाज अध्यक्ष छम्मनलाल खूबचंदानी, समाज सेवी हीरानंद हरिमानी ने अपने विचार रखे .
स्थानीय राजयोग सेवा केन्द्र की संचालिका बी के रिंकी बहन ने कहा राजयोग के नित्य अभ्यास से ही हमारा मनोबल और आत्मबल बढ़ता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में हर एक को किसी न किसी बात का तनाव जरूर होता है।
कार्यक्रम में सिन्धी समाज के तरफ से बी के भगवान भाई नारियल और शाल ओढ़कर सन्मान किया किया गया |
कार्यक्रम कि शुरुवात दीप प्रज्वलन से और स्वागत से किया गया .इस मौके पर भगवान भाई ने मनोबल, आत्मबल बढ़ाने के लिए राज योग भी कराया

