बिलासपुर-भारत-नेपाल बार्डर से सटे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जमतड़ी में बिलासपुर का जवान शिवपाल सिंह 30साल शहीद हो गया। वह ड्यूटी के दौरान 50 मीटर गहरी खाई में गिर गया था , जिससे उनकी जान चली गई।शनिवार को बेलगहना के बिल्लीबन में गार्ड-ऑफ-ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई।
सीमा बल की 55वीं बटालियन की ए कंपनी में तैनात शहीद शिवपाल एसएसबी की जमतड़ी चौकी में तैनात थे.। इसी साल उनकी शादी होने वाली थी.। वह एक महीने की छुट्टी में घर आने वाले थे, लेकिन उससे पहले 21 जून को तिरंगे से लिपटी हुई लाश आई.।

दरअसल, 19 जून की रात शिवपाल सिंह बात करते हुए बैरक से बाहर निकले थे। मोबाइल पर बात करने के लिए सिग्नल ढूंढ़ रहे थे। नेपाल सीमा से लगे जमतड़ी में दूरसंचार के लिए जीओ कंपनी का मोबाइल टॉवर है। टॉवर दूर होने के कारण सिग्नल ठीक से नहीं पहुंचता।..सिग्नल ढूंढ़ने के दौरान वे खाई में गिर गए। अगली सुबह रोल कॉल में अनुपस्थित रहने के बाद खोज शुरू हुई। कुछ ही घंटों में उनका शव बर्फ से ढकी खाई में दबा मिला।
घटना के बाद उनके शव का पंचनामा व पोस्टमॉर्टम के बाद कैंप में लाया गया, फिर जवानों ने सलामी देकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद 20 जून की शाम शिवपाल का पार्थिव देह गृहग्राम बेलगहना के बिल्लीबन पहुंचा, जहां नारेबाजी कर अमर जवान के शव को घर तक पहुंचाया गया।शिवपाल सिंह के शहादत की खबर घटना वाली शाम ही परिजन को मिली। जिसके बाद यह जानकारी पूरे गांव के लोगों को हुई। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं, गांव में भी मातम पसरा है। उनके रिश्तेदारों के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी जवान के अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पहुंचे।
परिजनों ने बताया कि शिवपाल की शादी की पूरी तैयारी थी। शिवपाल भी परिजनों के पसंद की लड़की को देखने के लिए एक महीने की छुट्टी पर आने वाल थे। कुछ दिनों पहले ही परिजन से उनकी बात हुई थी। वह छुट्टी पर अपने घर आ पाते कि इससे पहले ही हादसे में शहीद हो गए।बिल्लीबन में गार्ड-ऑफ-ऑनर देकर उसेअंतिम विदाई दी गई।

