छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के गृह जिले बलौदाबाजार में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों पर कार्रवाई की गई है।सभी विकासखंड से बड़ी मात्रा में बगैर रायल्टी पर्ची और ओवर लोड गाड़ियों को जब्त किया गया।
दरअसल, लेक्टर चंदन कुमार के निर्देश पर जिले के सभी विकासखंड के अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार की विशेष टीम बनाकर एक साथ दबिश दी गई। रात में संचालित खदानों से सात चैन माउंटेन मशीन और रेत का परिवहन करते लगभग 50 से ज्यादा हाइवा समेत ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई है। बता दें कि अवैध परिवहन से प्रशासन को राजस्व की हानि होती है।
अवैध परिवहन से प्रशासन को राजस्व की हानि
फिलहाल इसके शासकीय आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं। लिहाजा ये आंकडा बढ़ भी सकता है। वहीं कार्रवाई की जानकारी ना तो खनिज अधिकारियों को दी गई और ना ही पुलिस विभाग को दी गई थी। कार्रवाई शुरू होने के बाद लगभग 10 बजे पुलिस को जानकारी दी गई। वहीं छापेमारी के दौरान मौके पर राजस्व और खनिज अधिकारियों को कार्रवाई की जानकारी दी गई।
आम नागरिक को चुकानी पड़ रही रेत की बड़ी कीमत
जानकारी के मुताबिक रेत खदान संचालकों द्वारा एक पर्ची काटकर दो से तीन बार उस गाड़ी को महानदी से रेत परिवहन के लिए दिया जाता है। वहीं रायल्टी पर्ची एक हाइवा का 2500 रुपये काटा जाता है, लेकिन वाहन मालिक से 8500 रुपए अतिरिक्त रेत भरने का लिया जा रहा है। इससे आम नागरिक को रेत की बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।
अधिकारी-कर्मचारियों को भी पहुंच रहा हिस्सा
सूत्रों के अनुसार, इस खेल में खनिज अधिकारियों का भी हाथ होता है, जिन्हें एक बड़ी रकम हर महीने पहुंचा दी जाती है। इतना ही नहीं प्रशासनिक कर्मचारियों को भी हिस्सा दिया जाता है। ताकि शासन की कार्रवाई के पहले ही खदान संचालकों को कार्रवाई की भनक लग सके। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण पिछले साल पलारी विकासखंड के मोहान रेत खदान में देखने मिला था, जहां कार्रवाई की सूचना मिलते ही महानदी से वाहन गायब हो गए थे।

