रायगढ़-छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पिछले 24 घंटे के भीतर दो हाथियों की मौत से वन विभाग में हलचल मच गई है. एक और जहां सोमवार को धर्मजयगढ़ वन मंडल के क्रोधा गांव में एक हाथी की करंट लगने से मौत हो गई थी वही फिर एक हाथी की मौत की खबर आई है. इस खबर के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है.
बताया जा रहा है कि रायगढ़ वन मंडल के घरघोड़ा वन परीक्षेत्र में स्थित ग्राम पानीखेत स्टॉप डैम में हाथियों का एक दल पानी पीने के लिए डैम के पास पहुंचा था और इसी दौरान एक हाथी दलदल में फंस गया जिससे उसकी जान चली गई. घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचीलेकिन तब तक हाथी मार चूका था .अब वन विभाग मामले की जांच कर रहा है.जानकारों का कहना है कि धरमजयगढ़ वनमंडल में इकोसिस्टम तबाह हो चुका है। सालोंसाल केवल कोयला खदानों, रेल लाइन के विकास को ही फोकस किया गया जबकि जंगलों को काटा जाता रहा। इसी का नतीजा है कि अब लगातार हाथियों की मौतें हो रही हैं।
दो दिनों में दो हाथियों की मौत की जानकारी अब अदालत के समक्ष रखी जाएगी। वन विभाग और सीएसपीडीसीएल ने हाथियों की मौत रोकने के लिए विशेष रूप से कार्य करने की जानकारी दी गई थी। इसमें एक बिंदु ऐसे डेंजरस स्पॉट की पहचान करने का था।
आपको बता दे कई बार शिकायत मिली कि शेत्र के किसान शिकार के लिए और फसल बचाने के लिए भी करंट लगाते हैं। लेकिन इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई दलदली जगहों की पहचान कर वहां सुधार करने की भी जरूरत है। यदि इन बातों पर ध्यान नहीं दिया गया तो इस तरह की घटनाएं निरंतर होती रहेगी वन विभाग के हमले से एक ही जवाब आएगा जांच की जा रही है हाथियों के बचाव के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की जा रही है.. रायगढ़ से प्रकाश थवाईत की रिपोर्ट