राइ-छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा युक्ति युक्तकरण की गई घोषणा के विरोध में शिक्षक संघ संगठनों के द्वारा विरोध किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन में 10 हजार से ज्यादा शिक्षक मंत्रालय घेरनेनिकल पड़े हैं। पुलिस के द्वारा कड़ी सुरक्षा के बाद भी शिक्षक पहला लेयर तोड़कर आगे निकल गए हैं। युक्ति युक्तकरण 2008 के सेटअप से हो शिक्षक मांग कर रहे है ।देखे किस तरह शिक्षक प्रदर्शन कर आगे बढ़ रहे है

रायपुर में शिक्षक संगठन छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा स्कूलों का युक्ति संगतकरण करने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि इस फैसले से 43 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद खत्म हो सकते हैं। जिसका हम विरोध कर रहे हैं। विरोध करने के लिए सुबह से ही शिक्षक धरना स्थल पहुंच गए थे ..दो बजे तक 10 हजार से भी अधिक शिक्षक तुता धरना स्थल पर पहुंचे गए थे और वहां से विरोध प्रदर्शन करते हुए मंत्रालय का घेराव करने निकले हैं। शिक्षकों को मंत्रालय जाने से रोकने के लिए पुलिस ने कड़े सुरक्षा के प्रबंध किए हैं साथ ही। तीन-चार जगह पर बैरिकेट्स भी लगाए हैं। हालांकि प्रदर्शनकारी शिक्षकों की संख्या इतनी ज्यादा है कि शिक्षकों को आसानी से रोक पाना पुलिस के लिए भी मुश्किल का काम है। शिक्षक युक्ति युक्तकारण का विरोध करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। आइए देखते है प्रदेश भर से आए शिक्षक विरोध प्रदर्शन कर रहे है….
इसके पहले रायपुर तूता के धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए शिक्षकों के नेताओं ने सरकार के द्वारा युक्ति युक्त कारण के लिए गए फैसले को वापस लेने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि हम युक्ति युक्त कारण का विरोध नहीं कर रहे हैं हमारी मांग है कि 2008 में सरकार के द्वारा युक्ति युक्तकरण को लेकर जो फैसला किया गया था उसी सेटअप को लागू करें। शिक्षकों ने कहा कि सरकार वर्तमान सेटअप में शिक्षकों की कटौती कर रहा है। इससे शिक्षकों के साथ बच्चों का भी अहित होगा। शिक्षक नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री सरकार के द्वारा लिए गए फैसले को शिक्षकों के हित में बता रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि इससे शिक्षकों को बड़ा नुकसान होने वाला है।
विरोध के बावजूद शिक्षक धैर्यता के साथ शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम मंत्रालय जाएंगे और हमारा एक प्रतिनिधिमंडल मंत्रालय में बैठे अधिकारियों से चर्चा करने जाएगा। हम चाहते कि बातचीत से इसका समाधान किया जाए। यदि 2008 के सेटअप के आधार पर युक्तियुक्तकरण किया जाता है तो हम कोई विरोध नहीं करेंगे।

