भिलाईः अक्सर लोग अपनी मजबूरी के चलते चोरी करते है, लेकिन दुर्ग पुलिस ने आज ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है जो भगवान से नाराज होकर भगवान के ही मंदिर की दानपेटियों से रुपये चुराया करता था। भिलाई के वैशाली नगर का रहने वाला यशवंत उपाध्याय पिछले कुछ सालों से एचआईवी जैसी गंभीर लाइलाज बीमारी से लड़ रहा था। इलाज कराते-कराते उसका भगवान पर से भरोसा उठ गया और उसने तय किया कि अब वह भगवान से इसका बदला जरूर लेगा और जिले के तमाम मंदिरों को वह निशाना बनाने लगा। लगभग दुर्ग जिले के 34 से ज्यादा मंदिरों में चोरी कर चुका यह चोर हाल ही में 10 मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम दिया।
एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि चोर पहले तो मंदिरों में रेकी करता था। उसके बाद अगले दिन कपड़े बदलकर पैदल अपनी मंदिर तक पहुंचता और बाकायदा ताला तोड़कर मंदिरों की दान पेटी से दान के रुपए उड़ाकर रफू चक्कर हो जाता। इधर दुर्ग जिले के कई थानों में मंदिरों में चोरी की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद दुर्ग पुलिस ने टास्क टीम बनाई और तमाम थानों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया, जिसमें यशवंत उपाध्याय नामक युवक चोरी करता हुआ दिखाई दिया। लेकिन हर बार उसके कपड़े अलग थे, पर इनमें उसकी दुपहिया वाहन कॉमन थी।
पुलिस ने यशवंत उपाध्याय को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि वह एचआईवी से पीड़ित है और मंदिरों से चोरी किए जाने वाले पैसों से वह अपना भरण पोषण कर रहा था और एचआईवी पीड़ित होने के कारण वह भगवान से भी नाराज था। इसलिए वह सिर्फ मंदिरों की दान पेटी को ही टारगेट बना था और मंदिरों से रुपए लेकर रफू चक्कर हो जाता। फिलहाल पुलिस ने यशवंत उपाध्याय को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है। सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि आरोपी 2012 में मारपीट के मामले में जेल गया था और वही से वह चोरी करना सीखकर आया था और लंबे समय से चोरी कर रहा था।