छत्तीसगढ़

आरक्षण विधेयक को मंजूर करने की मांग को लेकर, 12 मंत्री पहुंचे राज्यपाल से मिलने:गर्वनर बोलीं- सभी पहलू देखने के बाद लूंगी फैसला

रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में मंगलवार की दोपहर कांग्रेस ने जन अधिकार रैली की। इसके बाद कांग्रेस के मंत्रियों, विधायकों का प्रतिनिधि मंडल राजभवन पहुंचा। करीब 1 घंटे से भी अधिक वक्त तक प्रदेश के 12 मंत्री, 5 सीनियर विधायक, कुछ नए विधायक, सांसद कांग्रेस संगठन के बड़े नेता राजभवन में ही रहे। सभी काफी देर तक पहले राज्यपाल से मिलने का वेट करते रहे। जब सभी मंत्री, विधायक, सांसद राजभवन गए तो राज्यपाल वहीं थीं मगर मुलाकात के लिए सभी को इंतजार करना पड़ा।

कुछ देर बाद राजभवन के दरबार हॉल में राज्यपाल पहुंचीं। यहां राज्यपाल को ज्ञापन देकर कांग्रेस नेताओं की ओर से कहा गया कि आरक्षण विधेयक पर जल्द से जल्द हस्ताक्षर करें। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में रुकी हुई भर्तियों, एडमिशन का हवाला देकर इसे जन सरोकार का बड़ा मुद्दा भी बताया। राज्यपाल ने सब कुछ सुनने के बाद साफ तौर पर कह दिया कि वो ये चाहती हैं कि प्रदेश में आरक्षण व्यवस्था बहाल हो, मगर हर पहलू पर विचार के बाद ही फैसला लेंगी।
राजभवन से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर आए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा- हमने आरक्षण विधेयक पर हस्ताक्षर कर त्वरित निदान करें ये बात राज्यपाल से कही है, उन्होंने कहा है कि हर पहलू पर विचार के बाद लूंगी फैसला। हमें लगता है वो जल्दी फैसला करेंगी। हम लोकतांत्रित व्यवस्था में हैं, हमनें आग्रह निवेदन किया है। हमें उन्होंने आश्वस्त किया है। समय सीमा नहीं बताई गयई है। हम फिलहाल तो मिलकर लौटे हैं, आगे क्या करना है जल्द ही फैसला करेंगे।
राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने सर्व समाज के हित में निर्णल लेते हुए प्रदेशवासियों को 76 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाये जाने का निर्णय लेकर विधानसभा के विशेष सत्र् में आरक्षण संशोधन विधेयक के माध्यम से प्रदेश के अनुसूचित जनजातियों को उनके आबदी के अनुपात में 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के गरीबों को 4 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने का विधेयक पारित कर, उसे कानूनी रूप दिये जाने हेतु पारित विधेयक आपके समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जो आज लगभग एक माह से लंबित है।

आदरणीया, वर्तमान में आरक्षण विधेयक लंबित होने से प्रदेश में नवीन भर्तियों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश भी प्रभावित हो रहा है, जिससे सर्व-समाज के हमारे शिक्षित नौवजवान, युवा साथियों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल इस ज्ञापन के माध्यम से आपसे आग्रह करती है कि, प्रदेश के सर्व-समाज की 93.5 प्रतिशत आबादीं के हित को ध्यान में रखते हुए विधानसभा में सर्व सम्मति से पारित आरक्षण संशोधन विधेयक पर हस्ताक्षर कर वैधानिक स्वरूप प्रदान करने की महान कृपा करेंगी।

ये मंत्री और कांग्रेस के नेता गए थे राजभवन
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, सांसद फूलोदेवी नेताम, मंत्री टी.एस. सिंहदेव, मंत्री ताम्रध्वज साहू, मंत्री रविन्द्र चौबे, मंत्री मोहम्मद अकबर, मंत्री उमेश पटेल, मंत्री जयसिंह अग्रवाल, मंत्री अनिला भेड़िया, मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, मंत्री गुरू रूद्र कुमार, मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, मंत्री कवासी लखमा, मंत्री अमरजीत भगत, वरिष्ठ विधायक धनेन्द्र साहू, वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा, संसदीय सचिव एवं विधायक विकास उपाध्याय समेत एक दर्जन नेता शामिल थे।

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